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भूदान स्मृति विचार एवं सद्भावना यात्रा का गोंदिया में प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा स्वागत..
गोंदिया. आजादी दिलाने में महात्मा गांधी का बड़ा योगदान रहा. महात्मा गांधी के दो उत्तराधिकारी थे. पहले राजनैतिक उत्तराधिकारी पं. जवाहरलाल नेहरू व अध्यात्मक से जुड़े दुसरे आचार्य विनोबा भावे थे. आचार्य विनोबा भावे ने 1951 में भूदान आंदोलन कर 45 लाख एकड़ जमीन अपने विचारों से गरीबों को दिलाई जबकि जमीन के लिए आज भी वाद-विवाद हो रहे है. पर उस वक्त जमीन लेकर आचार्य विनोबा भावे गरीबों को बांटते थे. आचार्य भावे के विचार आज भी प्रासंगिक है. यह बात विनोबा भावे के शिष्य उत्तरप्रदेश शांहजहापुर निवासी रमेश भैय्या ने रिंग रोड़ स्थित श्री गणेश ग्रामीण विकास शिक्षण संस्था द्वारा गोंदिया पधारी भूदान स्मृति विचार व सद्भावना यात्रा के सत्कार समारोह में कही.
ये यात्रा वर्धा (पवनार) के विनोबा भावे आश्रम से 25 मार्च को शुरू हुई जो 28 मार्च को गोंदिया पहुँची। इस यात्रा के अवसर पर राजेंद्र यादव (हरियाणा), राकेश प्रसाद पांडे (प्रयागराज), जालंधरनाथ (बापू आश्रम वर्धा), कमलेश प्रेमी (शांहजहापुर), सहित श्री ग्रामीण विकास शिक्षण संस्था गोंदिया के संस्थापक सचिव विजय बहेकार, पूर्व जिप सभापति धन्नालाल नागरीकर, प्रा. सविता बेदरकर, संथागार के प्रभाकर गजभिये, प्रा. रामकृष्ण चौधरी, उमरे कम्प्युटर इंन्स्टिट्युट के संचालक गजानन उमरे, कृषि अधिकारी धनलाल उईके, निवृत बीडीओ झामसिंग टेंभरे, राधाबाई नर्सिंग स्कूल की प्राचार्या प्रिसा वर्मा आदि प्रमुखता से उपस्थित थे.
राजेंद्र भाई ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि देश में सबसे बड़ा चमत्कार भूदान आंदोलन से हुआ है. संत विनोबा भावे ने 13 वर्ष तक संपूर्ण भारत वर्ष में पैदल चलकर पदयात्रा की थी. जिसमें उन्होंने आंध्रप्रदेश के कोचमपल्ली की अहिंसा को रोका था. विनोबा भावे के आग्रह पर कोचमपल्ली के रामचंद्र रेड्डी ने 100 एकड़ जमीन दान दी थी. जिसमें 80 जरूरतमंद परिवारों ये जमीन दी गई। रमेश भैय्या ने भी 35 हजार किमी. पदयात्रा की है. रमेश भैया विनोबाजी से वर्ष 1976 में जुड़े थे। वे उनके साथ 6 साल रहे। रमेश भैया ने विनोबाजी के आदर्श को अपनाकर शाहजहापुर में 67 से 65 परिवार जो आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे, उन्हें इस अपराध से बाहर लाने का कार्य किया। आज इस क्षेत्र में 11 एकड़ में विनोबाजी का आश्रम रमेश भैया उनका परिवार चला रहा है।
उल्लेखनीय है कि वर्धा स्थित पवनार आश्रम से 25 मार्च को शुरू हुई यात्रा गोंदिया होते हुए छत्तीसगढ़ में दाखिल हुई। छत्तीसगढ़ में 13 दिन की यात्रा करने के बाद ये यात्रा आंध्रप्रदेश में 5 दिन विनोबा भावे के आदर्श विचारों से आज की पीढ़ी को अवगत कराएंगे। पश्चात ये यात्रा तेलंगाना पहुँचकर 18 अप्रैल को पोचमपल्ली में समाप्त होगी।
कार्यक्रम का संचालन प्रा. रामकृष्ण चौधरी ने किया व आभार प्रदर्शन विजय बहेकार ने किया.
इस अवसर पर सी.एम. पटेल इंग्लिश स्कूल के शिक्षक अनिल शेलोकर, लिना साखरे, रितु नागदेव, सुषमा पाठक, राधाबाई नर्सिंग स्कूल की रुपाली गौतम, माया मोहारे, अलिषा पटेल, नंदिनी भिवगडे, श्रृती ठाकरे, तेजस्वी टेंभरे सहित बड़ी संख्या छात्र-छात्राए उपस्थित थे. इसी श्रृंखला में महात्मा गांधी प्रतिमा पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शिव शर्मा की उपस्थिति में रमेश भैय्या, विजय बहेकार व अन्य नागरिकों ने पुष्पमाला अर्पित की.
